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RAW के खिलाफ अमेरिका की बड़ी साजिश! क्या 'मोसाद' के रास्ते पर है भारत की खुफिया एजेंसी?

Wednesday, March 18 | March 18, 2026 WIB Last Updated 2026-03-18T11:36:37Z

हिंदुस्तान के ‘जेम्स बॉन्ड’ अजीत डोभाल  जिस खुफिया एजेंसी के लिए "सात साल तक पाकिस्तान में मुसलमान बनकर रहे..  दुश्मन के घर में घुसकर उनकी जाशोशी की  सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर एयर स्ट्राइक तक का मास्टरप्लान  तैयार किया !  आज भारत की उसी खुफिया एजेंसी RAW के खिलाफ बंद कमरों में बड़ी साजिश रची जा चुकी है! .......... साजिश सिर्फ जुबानी नहीं है, इसके लिखित दावे भी अब सामने आ चुके हैं। तो क्या भारत की सबसे बड़ी खुफिया एजेंसी RAW अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैन हो जाएगी? क्या मोदी सरकार इस अंतरराष्ट्रीय चक्रव्यूह को नाकाम कर पाएगी? या फिर वही होगा... जो साल 1971 और 1998 में हुआ था? और सबसे बड़ा सवाल  की आखिर  USCIRF की  96 पन्नों की वो 'ब्लैक-रिपोर्ट' क्या है जिसने दुनिया भर में हलचल मचा दी है  चलिए इस दो मिनट की रिपोर्ट में समझते हैं..."



भारत के खिलाफ अमेरिका में क्या साजिश रची गई है, उसे बताएं... उससे पहले भारत की उस ताकत को समझिए जिससे पूरी दुनिया आज कांप रही है। नाम है RAW... वही RAW जिसने 1971 में पकिस्तान का भूगोल बदल दिया और पाकिस्तान के दो टुकड़े कर एक नए राष्ट्र 'बांग्लादेश' बना दिया..1974 में .जिसने दुनिया की तमाम जासूसी एजेंसियों की आँखों में धूल झोंककर भारत को परमाणु शक्ति संपन्न बना दिया .. रॉ सिर्फ खुफिया जानकारी इकट्ठा नहीं करता, बल्कि दुश्मन के घर में घुसकर उसके मंसूबों को राख करना जानता है। रॉ की ताकत थी जिसने 16 मई 1975 को बिना एक भी गोली चलाए सिक्किम का भारत में पूर्ण विलय काराया  और  सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर एयर स्ट्राइक तक, दुश्मन की चौखट पर जाकर मौत का पैगाम लिखा!"


 जब कनाडा में निज्जर ढेर हुआ और अमेरिका में पन्नू के पसीने छूटे, तो पूरी दुनिया के 'पावर कॉरिडोर' में हड़कंप मच गया। पश्चिमी देशों को लगा कि भारत की खुफिया एजेंसी अब 'मोसाद' के रास्ते पर चल पड़ी है। एक ऐसी एजेंसी जिसे न सरहदों की परवाह है, न दुश्मन के रसूख की। इसी बढ़ती ताकत को रोकने के लिए अब विदेशी धरती पर फाइलें तैयार की जा रही हैं, ताकि भारत के जांबाजों के हाथ बांधे जा सकें।  उसी विदेशी  साजिश का हिस्सा है अमेरिका से जरी हुई  USCIRF की 96 पन्नों की भारत विरोधी रिपोर्ट ..जिसके पेज नंबर 22 और 23 पर भारत को दुनिया के उन सबसे खतरनाक 16 देशों की लिस्ट में डाला गया है, 


यानी वो देश जहाँ धार्मिक स्वतंत्रता बिल्कुल नहीं है। लेकिन असली निशाना धर्म नहीं...असली निशाना तो भारत की खुफिया एजेंसी RAW है!"  रिपोर्ट में अमेरिकी सरकार से सिफारिश की गई है कि RAW पर प्रतिबंध' लगाए जाएं। उसके अफसरों की संपत्तियां जब्त की जाएं!" लेकिन हिन्दुस्तान ने साफ़ कर दिया है की ये 1971 या 1998 का  भारत नहीं है, बल्कि डोभाल की रणनीति और मोदी के इरादों वाला 'नया भारत' है, जो झुकना नहीं, बल्कि जवाब देना जानता है।"


हिंदुस्तान के ‘जेम्स बॉन्ड’ अजीत डोभाल ने जब से रॉ की कामं संभाली है  भारत ने ऑफ़ेन्सिव डिफेन्स ' की नीति अपनाई है। आज भारत का इंटेलिजेंस इतना सटीक है कि सरहद पार बैठा आतंकी साज़िश रचने से पहले सौ बार सोचता है। खाड़ी देशों से लेकर यूरोप तक, भारत ने अपना वो जाल बिछाया है जहाँ दुश्मन चाहकर भी छिप नहीं सकता। यही वजह है कि आज भारत को रोकने की साजिश हो रही है। जब भारत की ताकत बढ़ती है, तो पश्चिमी देशों के 'इगो' को चोट पहुँचती है। इसीलिए अब मानवाधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता के नाम पर 96 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की गई है। पन्नू जैसे आतंकियों को मोहरा बनाकर भारत के जांबाज अफसरों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की जा रही है। अजीत डोभाल से लेकर आर.एन. काओ तक, इस एजेंसी ने ऐसे 'शतरंज के खिलाड़ी' पैदा किए हैं जिन्होंने बिना गोली चलाए दुश्मनों को घुटनों पर ला दिया। यही वजह है कि आज कई देशों की इंटेलिजेंस एजेंसियों की हिट लिस्ट में रॉ का नाम सबसे ऊपर है।


 अजीत डोभाल जानते हैं कि जब आप दुनिया की मेज पर अपनी जगह बनाते हैं, तो कांटे बिछाने वाले बहुत होते हैं। आज भारत की RAW के खिलाफ जो नैरेटिव सेट किया जा रहा है, वह सिर्फ एक कानूनी लड़ाई नहीं है, बल्कि भारत के खिलाफ एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा है जिसे नाकाम करना दिल्ली अच्छी तरह जानती है। क्या आपको लगता है कि भारत को इन विदेशी दबावों के आगे झुकना चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें। जय हिंद!"


 

  

 

 

 

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